प्रयागराज महायज्ञ भारत की सुरक्षा और विश्व कल्याण के लिए: सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों के साथ हुआ भव्य अनुष्ठान
प्रयागराज महायज्ञ भारत की सुरक्षा और विश्व कल्याण के लिए तीर्थराज प्रयागराज की पावन धरती पर एक भव्य धार्मिक आयोजन के रूप में संपन्न हो रहा है। वैश्विक संकटों और अंतरराष्ट्रीय तनाव के दौर में आयोजित इस महायज्ञ में सवा लाख पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण तथा सवा तीन करोड़ रुद्राभिषेक किया जा रहा है। देश की सुरक्षा, समृद्धि और विश्व शांति के उद्देश्य से आयोजित इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग शामिल हो रहे हैं।
वैदिक परंपरा और यज्ञ का महत्व
महायज्ञ के मुख्य वक्ता आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला ने मीडिया से बातचीत करते हुए यज्ञ की ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत में वैदिक काल से ही यज्ञों की समृद्ध परंपरा रही है। रामायण काल में भगवान राम के प्राकट्य से लेकर द्वापर युग में माता द्रौपदी के प्राकट्य तक, यज्ञों का विशेष महत्व रहा है।
उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा, सामाजिक समरसता और लोककल्याण का माध्यम भी है।
वैश्विक संकटों के बीच भारत की सुरक्षा सर्वोपरि
आचार्य हरिकृष्ण शुक्ला ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के कई हिस्सों में युद्ध और तनाव की स्थिति बनी हुई है। रूस-यूक्रेन संघर्ष, अमेरिका एवं यूरोप की चुनौतियाँ तथा मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक अस्थिरता का माहौल है। वहीं भारत के पड़ोसी देशों की गतिविधियों को देखते हुए राष्ट्र की सुरक्षा और स्थिरता सबसे महत्वपूर्ण विषय बन गई है।
उन्होंने कहा कि इस महायज्ञ का मुख्य उद्देश्य भारत को सुरक्षित, समृद्ध और शक्तिशाली बनाए रखने की प्रार्थना करना है, ताकि वैश्विक संकटों का प्रभाव देश की जनता पर न पड़े।
विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना
पुरुषोत्तम मास की एकादशी के शुभ अवसर पर आयोजित इस महायज्ञ के माध्यम से भारतीय संस्कृति के महान आदर्श ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ को साकार करने का संकल्प लिया गया।
आचार्य शुक्ला ने कहा कि इस अनुष्ठान से उत्पन्न होने वाली सकारात्मक ऊर्जा देशवासियों, सनातन समाज और देश के नेतृत्व को शक्ति प्रदान करेगी, जिससे राष्ट्र हर प्रकार की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनेगा। उन्होंने देश से गरीबी, भुखमरी और बेरोजगारी के उन्मूलन तथा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता

महायज्ञ में फूलपुर विधायक दीपक पटेल, पूर्व कैबिनेट मंत्री राकेश धर त्रिपाठी, प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी तथा शहर उत्तरी विधायक हर्षवर्धन बाजपेई सहित कई जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की। सभी ने आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर देश के कल्याण, सुरक्षा और समृद्धि की प्रार्थना की।
प्रमुख बिंदु
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आयोजन स्थल | तीर्थराज प्रयागराज |
| मुख्य उद्देश्य | भारत की सुरक्षा एवं विश्व कल्याण |
| विशेष अनुष्ठान | सवा लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण |
| रुद्राभिषेक | सवा तीन करोड़ |
| अवसर | पुरुषोत्तम मास की एकादशी |
| प्रमुख सहभागिता | जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं श्रद्धालु |
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की सुरक्षा, विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए सामूहिक प्रार्थना की। धार्मिक वातावरण और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
